ड्राइवर की मदद के बिना चलने वाली पहली जापानी कार!

7/16/2016 10:35:40 AM

जालंधर : आजकल ऑटोमोबाइल कम्पनियां ऑटोनोमस ड्राइविंग टैक्नोलॉजी पर काम कर रही हैं और बहुत-सी कम्पनियों का दावा है कि वर्ष 2020-2022 तक फुली ऑटोनोमस कारें आम इस्तेमाल के लिए उपलब्ध होंगी। ऑटोनोमस कार हाईवे के साथ-साथ शहरों में भी चलेंगी। जापानी कार निर्माता कम्पनी निसान ने इस ओर बड़ा कदम बढ़ाया है। निसान पहली जापानी कम्पनी होगी जो इस साल ऑटोनोमस ड्राइविंग सिस्टम के साथ अपनी कार को बाजार में पेश करेगी और इस कार का नाम सेरेना होगा।

 

इस तरह काम करेगा ऑटोनोमस सिस्टम 

सिंगल लेन हाईवे पर ड्राइविंग के लिए डिजाइन किया गया प्रो-पायलट सिस्टम जानकारी को इकट्ठा करने के लिए मोनो कैमरे का प्रयोग करेगा। यह कैमरा लेन मार्किंग और तीनों तरफ से आने वाले व्हीकल्स के बारे में जानकारी को सिस्टम तक पहुंचाएगा। ड्राइवर द्वारा स्पीड की जानकारी देने के बाद ऑटोनोमस कार का  सिस्टम दूसरी कार से सुरक्षित दूरी पर चलने के साथ-साथ स्टेयरिंग को सही स्थिति में रखेगा ताकि कार लेन से बाहर न निकले और किसी तरह की दुर्घटना के आसार न बनें। जरूरत के समय सेरेना (सामने वाली कार से दूरी बनाने के लिए) यह कार खुद ब्रेक लगाएगी और पूरी तरह से रुक भी सकेगी। ट्रैफिक क्लियर होने पर स्टेयरिंग पर लगे एक बटन को दबाने से कार एक बार फिर से ऑटोनोमस व्हीकल के रूप में काम करने लगेगी। 

 

प्रो-पायलट सिस्टम

इसके लिए नासा के साथ भागीदारी कर ऑटोनोमस टैक्नोलॉजी को विकसित किया गया जिसे निसान ने प्रो-पायलट सिस्टम का नाम दिया है। इस सिस्टम की मदद से निसान की कार हाईवे पर स्टेयरिंग, ब्रेक्स और स्पीड पर अपना खुद का कंट्रोल रखेगी। 

 

जापान में होगी उपलब्ध

प्रो-पायलट सिस्टम को कम्पनी का 5वीं पीढ़ी की सेरेना में प्रयोग किया जाएगा जो कि एक मिनी वैन है। हालांकि निसान की ऑटोनोमस सेरेना केवल जापान Qashqai के यूरोप वर्जन में पेश करेगी। 

 

अगस्त में हो सकती है लांच  

ऑटोनोमस सेरेना को इस साल अगस्त में लांच किया जा सकता है। इसके अलावा बड़ी बात यह है कि सिंगल लेन ऑटोनोमस ड्राइविंग सिस्टम में बदलाव करते हुए वर्ष 2018 तक लेन चेंज टैक्नोलॉजी की भी पेशकश की जाएगी। कम्पनी के मुताबिक वर्ष 2020 तक निसान की कारें ऑटोमैटिक तरीके से शहरी सड़कों और चौराहों को ट्रैक करेंगी। 


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