Google का Huawei को झटका, ऑपरेटिंग सिस्टम अपडेट नहीं कर पाएंगे यूजर्स

5/20/2019 4:16:26 PM

गैजेट डैस्क : चीनी कम्पनी हुवावेई की मुश्किलें घटने की बजाए बढ़ती जा रही है। अमरीका में कम्पनी के प्रोडक्ट्स पर बैन लगाए जाने के बाद एक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक हुवावेई के स्मार्टफोन्स में अब गूगल एप्स का एक्सैस नहीं मिलेगा। इसके अलावा जो यूजर्स हुवावेई के पुराने स्मार्टफोन्स का इस्तेमाल कर रहे हैं उन्हें आने वाले समय में एंड्रॉयड OS अपडेट नहीं दी जाएंगी। 

इस कारण गूगल ने किया हुवावेई को बैन

Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक अमरीकी सरकार ने हुवावेई को उन कम्पनियों की लिस्ट में शामिल कर दिया है जो बिना लाइसेंस के किसी भी अमरीकी कम्पनी के साथ व्यापार नहीं कर सकतीं। इसी बात पर ध्यान देते हुए गूगल ने अब हुवावेई डिवाइसिस को आने वाले समय में OS अपडेट न देने का फैसला लिया है। 

PunjabKesari

हुवावेई यूजर्स की बढ़ी परेशानी 

गूगल द्वारा हुवावेई डिवाइसिस को अपडेट ना देने पर कम्पनी के यूजर्स को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि गूगल जब एंड्रॉयड का नया ऑपरेटिंग सिस्टम वर्जन लॉन्च करेगी तो वह हुवावेई स्मार्टफोन्स पर नहीं मिलेगा। 

हुवावेई के नए फोन्स में नहीं मिलेंगी YouTube और Google Maps एप

रिपोर्ट के मुताबिक हुवावेई के नए फोन्स में YouTube और Google Maps एप उपलब्ध नहीं की जाएंगी। हालांकि मौजूदा यूजर्स इन एप्स को अपडेट कर पाएंगे। इसके अलावा गूगल प्ले और गूगल प्ले प्रोटैक्ट सिक्योरिटी एप का उपयोग किया जा सकेगा। 

PunjabKesari

गूगल के अलावा इन कम्पनियों ने भी किया हुवावेई को बैन

गूगल के अलावा तीन अमरीकी कम्पनियों ने भी हुवावेई पर बैन लगा दिया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया की तीन सबसे बड़ी चिप मेकर और सप्लायर क्वालकॉम, इंटैल और ब्रोडकॉम ने भी हुवावेई कम्पनी के साथ किसी भी तरह के व्यापार को रोक दिया है।

  • आपको बता दें कि हुवावेई के लैपटॉप्स में इंटैल के प्रोसैसर्स का उपयोग होता है वहीं क्वालकॉम के प्रोसैसर्स हुवावेई अपने स्मार्टफोन्स में यूज करती है, लेकिन अब इनके व्यापार को रोक दिया गया है।

जानें क्या है पूरा मामला

अमरीका के बाद यूरोप में भी हुवावेई को बैन करनी की मांग जोर पकड़ती दिखाई दे रही है। पश्चिमी देशों में लोगों का मानना है कि नैक्स्ट जनरेशन 5जी नैटवर्क पर हुवावेई के डिवाइसिस का इस्तेमाल सुरक्षा के लिए एक बड़ खतरा पैदा कर सकता है। ऐसे में हुवावेई कम्पनी को लेकर लोगों के मन में विरोध की भावना बढ़ रही है। देशों का मानना है कि हुवावेई के प्रोडक्ट्स के जरिए चीन उन देशों पर निगरानी कर रहा है। हालांकि, इन आरोपों का हुवावे ने खंडन किया है। 

PunjabKesari

हुवावेई को पहले ही थी बैन होने की आशंका

हुवावेई को पहले से ही पता था कि अमरीका और अन्य देशों द्वारा उसे बैन किया जाएगा। ऐसे में हुवावेई ने इस समस्या का सामधान करने के लिए खुद का ऑपरेटिंग सिस्टम डिवैल्प करना शुरू कर दिया था जिसकी फिलहाल टैस्टिंग जारी है। 

  • जानकारी के लिए बता दें कि देशों द्वारा हुवावेई को बैन करने पर भी चीनी यूजर्स पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। क्योंकि गूगल की एप्स चीन में पहले से ही बैन की गई हैं। चीन में लोग सर्च करने के लिए पहले ही  Tencent और Baidu जैसी कम्पनियों के सर्च इंजन्स का उपयोग कर रहे हैं। 

सबसे ज्यादा पढ़े गए

Hitesh

Recommended News

Related News

static