NASA की हाई एंड तकनीक, अरबों मील की दूरी से रीस्टार्ट कर दिखाया Voyager 2

2/10/2020 2:28:44 PM

गैजेट डैस्क: अंतरिक्ष की जांच के लिए नासा ने वायेजर 2 को 20-अगस्त 1977 को स्पेस में भेजा था। खास तौर पर इसे बाहरी ग्रहों के अध्ययन के लिए भेजा गया था। लगभग 43 वर्षों से यह लगातार रेडियो आइसोटोप थर्मोइलेक्ट्रिक जनरेटर पर काम कर रहा था, कि अचानक ये सेफ मोड में चला गया और इससे सम्पर्क टूट गया।  

आसान नहीं था स्पेस में सम्पर्क साधना

स्पेस में 11.5 बिलीयन मील्स (18.5 बिलीयन किलोमीटर) की दूरी होने के कारण इससे सम्पर्क साधना आसान नहीं था क्योंकि इस तक कोई भी कमांड पहुंचाने के लिए लगभग 17 घंटों का समय लगता है।

नासा ने घोषणा कर दी जानकारी

लगातार कोशिश करने के बाद नासा ने घोषणा करते हुए बताया है कि वायेजर 2 के साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट दोबारा से ऑन कर दिए गए हैं और उन्होंने साइंटिफिक डेटा को भी कलैक्ट करना शुरू कर दिया है। हमारी टीम धीरे-धीरे इसकी रिपेयर कर रही है।

  • आपको बता दें कि वायेजर 2 ने बहुत ही लम्बी यात्रा तय की है और इससे ही नासा को सौर मंडल के ग्रहों के बारे में बहुत कुछ पता लगा है। ऐसे में वायेजर 2 में समस्या आनी आम बात है लेकिन पृथ्वी से ही इसे ठीक कर देना बहुत बड़ी बात है।

इससे पहले भी सामने आ चुकी है इसमें समस्या

आपको बता दें कि वायेजर 2 470 वॉट्स पावर पर सही से काम करता है, लेकिन वर्ष 2019 के मध्य में पता लगा था कि यह अब 280 वॉट्स पावर पर काम कर रहा है। ऐसे में नासा ने इसके ऑनबोर्ड हीटर को बंद कर दिया। उल्लेखनीय है कि तापमान के कम होने पर भी वायेजर 2 ने बहुत ही अच्छी तरह से काम किया है, जोकि नासा के लिए एक बहुत ही बड़ी उपलब्धि है।


Hitesh

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