POVA ने बढ़ाया AI का दायरा, स्मार्टफोन के साथ ईयरबड्स में भी मिलेगी स्मार्ट मदद
9/10/2026 5:57:27 PM
POVA: आज AI का इस्तेमाल सिर्फ सवालों के जवाब पाने या कंटेंट बनाने तक सीमित नहीं रह गया है। अब यह धीरे-धीरे उन कामों का हिस्सा भी बन रहा है, जो लोग रोज करते हैं। किसी जरूरी बातचीत को याद रखना हो, जानकारी को व्यवस्थित करना हो या अलग-अलग भाषाओं में बातचीत करनी हो, AI इन कामों में मदद कर सकता है। इसी दिशा में POVA ने अपना नया AI इकोसिस्टम पेश किया है, जिसमें POVA 8 Series के स्मार्टफोन और POVA AI Buds Pro शामिल हैं।
स्मार्टफोन में AI से लेकर स्मार्ट डिस्प्ले तक
POVA 8 Series में POVA 8 और POVA 8 Pro शामिल हैं। इनमें POVA 8 Pro 5G को AI Assistant के साथ पेश किया गया है। यह सामान्य और WhatsApp कॉल को रिकॉर्ड करने के साथ-साथ उन्हें ट्रांसक्राइब और समरी भी कर सकता है। यह फीचर अंग्रेजी के अलावा हिंदी, बंगाली और मराठी को भी सपोर्ट करता है। ऐसे में लंबी बातचीत को दोबारा पूरा सुनने के बजाय उसके जरूरी हिस्सों को समरी के जरिए देखा जा सकता है।
फोन में Alive Matrix Display भी दिया गया है, जो नोटिफिकेशन, बैटरी स्टेटस और टाइमर जैसी जानकारी दिखाता है। फोन को टेबल पर उल्टा रखने पर यह डिस्प्ले डेस्क क्लॉक की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
ईयरबड्स में भी AI का इस्तेमाल
POVA AI Buds Pro के जरिए कंपनी ने AI फीचर्स को स्मार्टफोन से आगे बढ़ाया है। चार्जिंग केस पर एक प्रेस करके ऑडियो रिकॉर्ड किया जा सकता है, जिसे बाद में ट्रांसक्रिप्ट, समरी और एक्शन पॉइंट्स में बदला जा सकता है। इसके अलावा, ईयरबड्स 12 भारतीय भाषाओं में रियल-टाइम ट्रांसलेशन को सपोर्ट करते हैं। अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले लोगों के बीच बातचीत के दौरान यह फीचर काम आ सकता है।
अलग-अलग डिवाइसेज, एक AI एक्सपीरियंस
POVA के इस इकोसिस्टम में स्मार्टफोन और ईयरबड्स अलग-अलग तरह से AI का इस्तेमाल करते हैं। स्मार्टफोन जहां कॉल और दूसरी जानकारी से जुड़े काम संभालता है, वहीं ईयरबड्स रिकॉर्डिंग और ट्रांसलेशन जैसी सुविधाएं देते हैं। खास बात यह है कि इन फीचर्स के लिए यूजर्स को अपनी रोजमर्रा की आदतें बदलने की जरूरत नहीं पड़ती। जिस तरह वे फोन और ईयरबड्स का इस्तेमाल करते हैं, उसी अनुभव में AI की ये सुविधाएं जुड़ जाती हैं। AI का इस्तेमाल जैसे-जैसे रोजमर्रा के डिवाइसेज में बढ़ रहा है, ऐसे फीचर्स तकनीक को सिर्फ एक नई सुविधा के बजाय रोज के कामों का हिस्सा बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

