ड्रोन्स को लम्बी उड़ान भरने में मदद करेगा नया फ्यूल सेल
3/13/2016 2:30:30 PM
जालंधर: आज के दौर में पार्सल डिलीवरी से लेकर सर्च और रेस्क्यू करने तक ड्रोन्स का यूज़ किया जा रहा है लेकिन इनकी सीमित उड़ान का समय इन्हें ज्यादा दूरी तक रासता तय नही करने देता। इस बात पर ध्यान देते हुए इनके उड़ान के समय को बढ़ाने के लिए इसमें ज्यादा बैटरीज़ भी अटैच की गई लेकिन ऐसा करने से ड्रोन्स की भार को कैर्री करने की क्षमता कम हो गई। इस तरह की सभी समस्याओं का समाधान करने के लिए पोहंग यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (Postech) के शोधकर्ताओं ने मिनिएचर फ्यूल सेल (SOFC) विकसित किया है जो ड्रोन को कई घंटो तक हवा में उड़ान भरने में मदद करेगा। इस सॉलिड ऑक्साइड फ्यूल सेल को प्रोफ़ेसर Gyeong Man Choi और उनके Ph.D. में पड़ रहे छात्र Kun Joong Kim ने मिलकर विकसित किया है।
इस खास सेल को स्टेनलेस स्टील और इलेक्ट्रोलाइट की पतली फिल्म से मिलाकर बनाया गया है साथ ही इसे टेप कास्टिंग-लेमिनेशन से कवर भी किया गया है। इसे थर्ड-जनरेशन फ्यूल सेल कहा गया है जो 560 mW पर क्यूबिक सेंटीमीटर से आउटपुट देगा और रैपिड थर्मल साइकिलिंग तकनीक की मदद से स्टोर पॉवर को मेन्टेन रखेगा। इस सेल के साइज़ की बात करें तो इसे 78 mm (स्क्वेयर 2) का बनाया गया है। यह तकनीक हाल ही मेें अपनी टेस्टिंग फेस में ही है लेकिन इसे लेकर शोधकर्ताओं का कहना है कि भविष्य में इस तकनीक से बने बड़े फ्यूल सेल्स कई तरह के व्हीकल्स को चलाने में मददगार साबित होंगे।

