iPhone 6 प्लस को बनाने का खर्च जान हैरान रह जाएंगे आप
3/12/2016 1:45:32 PM
जालंधरः जैसे कि हम सब जानते है कि नए आईफोन को खरीदने के लिए हर यूजर्स की एक्साइटमेंट इस हद तक बढ़ जाती है कि वो आईफोन को खरीदने के लिए बड़ी से बड़ी कीमत चुकाने के लिए तैयार रहते है। लोग न सिर्फ जल्दी से जल्दी बुक कराने की कोशिश में रहते हैं लेकिन यह यूजर्स इतना नहीं जानते कि यह बेहद महंगे माना जाने वाले आईफोन की निर्माण लागत एप्पल को वास्तव में कुल कीमत की एक तिहाई आती है। आपको विश्वास नहीं होगा लेकिन यह सच है। ग्लोबल रीसर्चर IHS टेक्लोलॉजी, आईएचएस टेकनोलॉजी की ने iPhone 6 प्लस की असल मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट पर स्टडी की है।
रिपोर्ट के मुताबिक एप्पल iPhone 6 प्लस 300 फीसदी मुनाफे पर बेचता है। मसलन, iPhone 6 प्लस का सबसे सस्ता फोन जो 51,000 रुपए में उपलब्ध है उसकी असल लागत केवल 17000 रुपए ही है। अगर 16GB आईफोन 6 प्लस में इस्तेमाल होने वाले मैटिरियल की बात की जाए तो वह 15,800 रुपए ही है। वहीं अगर मैन्युफैक्चरिंग की कीमत भी जोड़ दें तो इसकी कुल कीमत 17,000 रुपए से ज्यादा की नहीं है।
रिपोर्ट के मुताबिक, आईफोन का सबसे कीमती हिस्सा उसका स्क्रीन होता है जो कि अब 3D तकनीक से लैस होता है। एक स्क्रीन की कीमत 3,580 रुपए है। अगला कीमती हिस्सा फोन का कैमरा होता है। फ्रंट और रियर दोनो कैमरा (8 MP और 12 MP) की मेन्युफैक्चरिंग कीमत केवल 1,530 रुपए होती है। एप्पल के एक्सपैंडेबल मेमोरी ऑफर न करने के पीछे भी एक वजह है। आप को बता दें कि फोन में 1 गीगाबाइट मेमोरी जोड़ने की कीमत 25 रुपए होती है। इस हिसाब से आईफोन 6 प्लस में 16 जीबी मेमोरी की कीमत 400 रुपए हुई जबकि 64 जीबी की 1600 GB। तो वास्तव में 16 GB आईफोन 6 प्लस और 64 GB आईफोन 6 प्लस के बीच में केवल 1200 रुपए का फर्क है मगर यूजर को इसके लिए 7000 रुपए चुकाने पड़ते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, एप्पल अपने बिजनेस से अच्छी खासी कमाई कर रहा है, लेकिन यह बात जान कर और दुख होता है जब पता चलता है कि वो कर्मचारी 24 घंटे लेता है एक आईफोन बनाने के लिए उसे मात्र 120 रुपए प्रति घंटा दिया जाता है। अगर आप एप्पल के सारे खर्चे कीमत में शामिल करते हैं जैसे कि आर एंड डी, लेबर, शिपिंग, लाइसेंसिंग, टैक्सेस, मार्केटिंग और अन्य टैरेटरी कॉस्ट तब भी मार्गिन और कॉस्ट प्राइस के वीच का अंतर बहुत ज्यादा है।

